Saturday, 26 June 2021

मो उमर गौतम ने किया मेधावी छात्राओं का भी ब्रेनवॉश: ATS को मिली ग्रामीण इलाकों की मुस्लिम बनीं 33 युवतियों की लिस्ट


उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद से इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। एटीएस को आरोपितों के पास से 33 लड़कियों की एक सूची मिली है, जिनमें आधे से ज्यादा युवतियाँ ग्रामीण इलाकों की रहने वाली हैं। धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार मोहम्मद उमर गौतम और काजी जहाँगीर ने एटीएस को बताया कि वे ग्रामीण इलाकों की युवतियों को अपना शिकार बनाते थे, क्योंकि गाँवों में रहने वाली युवतियों का ब्रेनवॉश करने में आसानी होती थी।

बताया जा रहा है कि बीहूपुर गाँव घाटमपुर निवासी ऋचा उर्फ माहीन अली का खुलासा होने के बाद एटीएस ने एक बार फिर मोहम्मद उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर से बरामद 33 युवतियों और महिलाओं की सूची की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है। एटीएस के सूत्रों के अनुसार सूची की जाँच के बाद पता चला कि ज्यादातर युवतियाँ और महिलाएँ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुवाहाटी समेत अन्य राज्यों के ग्रामीण इलाकों की हैं। गिरोह के सदस्य उन्हें लालच देकर अपने जाल में फँसाते हैं और इसके बाद उनका ब्रेनवॉश करके धर्मांतरण करा देते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने यह भी कबूला कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाली इन युवतियों और महिलाओं को दबा-कुचला वर्ग मानकर कई बार इनका तिरस्कार किया गया है। इसका फायदा उठाकर उनका गिरोह उन महिलाओं और युवतियों को अपना शिकार बनाते हैं और उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन व हक दिलाने का झाँसा देकर उनका ब्रेनवॉश करते हैं। महिलाओं को बताया गया कि इस्लाम में इन्हें पूरा हक और सुरक्षा मिलेगी, जिसके कारण उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया।

33 में से 12 युवतियाँ मेधावी

एटीएस के सूत्रों के अनुसार, धर्मांतरण की शिकार हुई ग्रामीण इलाकों की 33 युवतियों व महिलाओं में 12 युवतियाँ मेधावी रही हैं। एमबीए, बीएड, बीएससी, एमएससी करने वाली इन युवतियों ने स्कॉलरशिप के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की है। उसके बाद भी गिरोह के सदस्य इन युवतियों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण करा देते हैं।

मालूम हो कि धर्मांतरण मामले में जारी हुई लिस्ट में MBA पास ऋचा देवी का भी नाम दर्ज है। घाटमपुर की 26 वर्षीय ऋचा ने कानपुर और प्रयागराज से पढ़ाई की है। सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान वह एक मुस्लिम प्रोफेसर के संपर्क में आई और अपना धर्म बदल लिया। अब उसने अपना नया नाम माहीन अली रख लिया है। ऋचा उर्फ माहीन एक कंपनी में जॉब करती है और परिवार से अलग नोएडा में रहती है। गुरुवार (जून 24, 2021) को एटीएस ने छात्रा के घर पहुँच कर इसकी जानकारी जुटाई थी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोमवार (21 जून 2021) को मूक-बाधिर छात्रों व कमजोर आय वर्ग के गरीबों-असहायों को धन, नौकरी व शादी करवाने का प्रलोभन देकर धर्मान्तरण कराने वाले एक बड़े गिरोह के दो मौलानाओं, मोहम्मद उमर गौतम और जहाँगीर कासिम को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर अब तक करीब 1,000 मूक-बधिर, महिलाएँ और बच्चों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। इस मामले में यूपी पुलिस ने आईएसआई और विदेशी फंडिंग होने का शक भी जताया था।

इसमें से एक उमर गौतम पहले हिंदू ही था। वह करीब 30 साल पहले धर्मान्तरण कर मुस्लिम बन गया था। इसके बाद से ही वह दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इस्लामिक दावा सेंटर चला रहा था। यहीं से धर्मान्तरण का सारा खेल खेला जाता है। गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर गौतम को लेकर फतेहपुर के एक स्कूल में अंग्रेजी की टीचर रही कल्पना सिंह ने खुलासा किया था कि उन पर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया गया था। हिंदू बच्चों को उर्दू और अरबी पढ़ाने का विरोध करने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था।

Friday, 25 June 2021

पहले दावत, फिर गीता और आखिर में कुरान: इस तरह इस्लाम कबूल करवाता था मौलाना उमर का गैंग, 24 राज्यों में नेटवर्क


इस्लामी धर्मांतरण रैकेट से जुड़े मोहम्मद उमर गौतम और जहाँगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद से उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (यूपी एटीएस) लगातार पूछताछ कर रही है। रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इनका नेटवर्क 24 राज्यों में फैला है। इस बीच उमर और उसकी संस्था के यूट्यूब चैनल से कुछ वीडियो डिलीट किए गए हैं। अधिकारी यह जानने की कोशिश में हैं कि उन वीडियो में क्या था।

पूछताछ में उमर ने एटीएस को फंडिंग से संबंधित कुछ अहम जानकारी दी है। मामला संवेदनशील होने के कारण यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इन आरोपितों और उनकी संस्था को दी जाने वाली फंडिंग कहाँ से हो रही थी और इसके पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्या था। क्या इसके पीछे सिर्फ धर्मांतरण ही उद्देश्य है या कुछ और, इस तथ्य की विशेष रूप से छानबीन की जा रही है।

इसके साथ ही उन संस्थाओं की भी छानबीन की जा रही है, जिससे उमर किसी न किसी रुप में जुड़ा रहा है। उमर के अन्य ठिकानों के साथ-साथ उसके मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उमर की स्पीच के वीडियो को भी एटीएस खँगाल रही है। इस्लामिक दावाह सेंटर के नाम से यूट्यूब चैनल भी है। इस पर उमर की स्पीच के कई वीडियो अपलोड हैं। कुछ वीडियो पूरा मामला सामने आने के बाद डिलीट भी कर दिए गए हैं। उनके बारे में भी पड़ताल की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े सभी संगठनों की विस्तृत जाँच की जा रही है। जिन लोगों का धर्मांतरण किया गया है उनके परिजनों से पुलिस लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि जिन 24 राज्यों के बारे में उमर व जहाँगीर ने बताया है, वहाँ की पुलिस से संपर्क कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। मौलाना उमर और मुफ्ती जहाँगीर आलम को धर्मांतरण के लिए इस्लामिक देशों से लगातार मदद मिलती थी। इनका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों का मतांतरण कराना था। उमर ने बताया है कि असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल के कहने पर 2011 से 2012 के बीच दिल्ली में इस्लामिक दवाह सेंटर की स्थापना की गई थी।

उत्तर प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मतांतरण के प्रकरण में विदेशों से फंडिंग के पुख्ता सुबूत मिले हैं। एक खाता भी कनफर्म हो गया है, जिसमें विदेशों से रकम आती थी। यह धनराशि क्यों और कैसे आती थी, इसकी जाँच की जा रही है। जाँच में पता चला कि मौलाना उमर के पास इस्लामिक देशों से मिले फंड से अरबों की संपत्ति भी है। उमर की गाजियाबाद के साथ ही नई दिल्ली में भी संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा, उसकी गौतमबुद्ध नगर की संपत्ति के कागजों की जाँच चल रही है। यह भी सामने आया है कि मौलाना गाजियाबाद के किसी स्कूल में फंड देने का भी काम करता था। एटीएस अब मौलाना उमर के बैंक डिटेल्स भी चेक कर रही है।

मौलाना उमर ने पूछताछ में बताया कि मतांतरण के लिए दावत का इंतजाम किया जाता था। मतांतरण के लिए सबसे पहले गीता पढ़ाया जाता था। फिर कुरान पढ़ाते थे। दोनों का अंतर और गीता में कमी बताई जाती थी। उसके बाद हदीस पढ़ाया जाता था। हदीश पढ़ाने के बाद पूरी तरह से ब्रेन वॉश किया जाता है और फिर लोगों को धीरे-धीरे इस्लाम के प्रति आकर्षित कर लिया जाता है।

बता दें कि यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहाँगीर आलम को गिरफ्तार कर बड़े पैमाने पर हो रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था। उमर गौतम दिल्ली के जामिया नगर स्थित बटला हाउस में इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था का संचालक है। यहीं से धर्मान्तरण का सारा खेल खेला जाता है। उमर पर आरोप है कि उसने नोएडा के मूक-बधिर स्कूल के दर्जनों छात्रों का उसने धर्मांतरण कराया है। उमर गौतम पहले हिंदू ही था। वह करीब 30 साल पहले धर्मान्तरण कर मुस्लिम बन गया था।

Saturday, 10 April 2021

पाकिस्तान में हिंदू लड़की को अगवा कर धर्मपरिवर्तन कराया, कोर्ट ने माँ-बाप को मिलने की भी इजाजत नहीं दी

 

पाकिस्तान, जबरन धर्मांतरण
पीकिस्तान में हिंदू लड़की के जबरन धर्मांतरण के विरोध में प्रदर्शन (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाला अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते शनिवार को सिंध प्रांत के लरकाना में अली गोहर अबाद इलाके से आरती बाई नाम की 22 वर्षीय हिंदू लड़की का अपहरण कर जबरन धर्मपरिवर्तन कराया गया और उसकी एक व्यक्ति से शादी करा दी गई। इस मामले में कल जब अदालत ने हिंदू लड़की के माता-पिता को पीड़ित से मिलने नहीं दिया तो इसके विरोध में हिंदू समुदाय के लोगों ने कोर्ट के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

पीड़ित परिवार के अनुसार, लड़की 3 अप्रैल 2021 को लापता हो गई थी। वह रेशम गली स्थित एक ब्यूटी पार्लर के लिए घर से निकली थी। वह यहाँ काम करती थी। जब वह घर नहीं लौटी तो उसके पिता ने पुलिस से संपर्क किया। बाद में पता चला कि लड़की का अपहरण कर उसका जबरन धर्मपरिवर्तन करा दिया गया और अपहरणकर्ता से ही उसकी शादी भी करवा दी गई।

लड़की के अपहरण के छह दिन बाद कराची के एक पत्रकार ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें दिखाया गया था कि हिंदू समुदाय के सदस्य, अपहृत लड़की के माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही यह भी बताया था कि स्थानीय अदालत ने माता-पिता को बेटी से मिलने की अनुमति नहीं दी थी।

पाकिस्तान में हिंदुओं लड़कियों का अपहरण और जबरन धर्मांतरण आम बात है। इस्लामी कट्टरपंथी हिंदू लड़कियों का आए दिन अपहरण करते हैं। फिर उनसे इस्लाम कबूल करवा अपहरणकर्ता से ही शादी करवा देते हैं।

बीते 11 मार्च सिंध में कविता ओड नाम की लड़की का जबरन अपहरण कर उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया था। इसके कुछ दिनों बाद उसके घर को अज्ञात बदमाशों ने आग लगा दी। मार्च 2021 में पाकिस्तान में एक पत्रकार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। पत्रकार ने हिन्दू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण में राजनेताओं और मौलवियों की भूमिका को उजागर किया था।

हकीकत ये है कि कुछ मामलों में पाकिस्तान की अदालतें भी हिंदू और ईसाई अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय करती हैं। जून 2020 में पाकिस्तान के एक जिला मजिस्ट्रेट ने एक मुस्लिम व्यक्ति को अपनी हिंदू पत्नी को रखने की अनुमति दे दी थी। बावजूद इसके कि लड़की के माता-पिता ने ये आरोप लगाया था कि उनकी बेटी का अपहरण करने के बाद आरोपी ने उससे जबरन शादी कर ली थी।

https://hindi.opindia.com/reports/international/pakistan-another-hindu-girl-abducted-converted-to-islam-and-married-off/

Friday, 2 April 2021

IMA अध्यक्ष को ‘सेकुलर’ बनाने आया वायर-स्क्रॉल का कंट्रीब्यूटर, अस्पतालों को ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बनाना चाहते हैं जयलाल

 IMA अध्यक्ष को ‘सेकुलर’ बनाने आया वायर-स्क्रॉल का कंट्रीब्यूटर,

अस्पतालों को ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बनाना चाहते हैं जयलाल
https://newspaperclippinghinduconversion.blogspot.com/2021/04/ima.html

Thursday, 11 March 2021

नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा कर धर्मपरिवर्तन-निकाह, मियाँ मिट्ठू ने कबूल करवाया इस्लाम; पैसे उड़ा रहे थे मौजूद लोग

 


पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और उनके धर्मांतरण की खबरें आम हैं। एक तय पैटर्न के तहत किसी भी अल्पसंख्यक नाबालिग लड़की को कोई अधेड़ उम्र का कट्टरपंथी अगवा करता है, फिर उसके साथ दुष्कर्म कर, उस पर दबाव बना कर उसका धर्म बदलवाता है और बाद में उससे निकाह कर लेता है। 

इस बार भी सिंध के कांडकोट में एक 13 साल की लड़की के साथ यही हुआ है। लड़की की पहचान काव्या (बदला हुआ नाम) के तौर पर हुई है। वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के अनुसार, सिंध के कंधकोट में तखत कुमार की बेटी को अगवा करके जबरन उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया। बाद में उसका अपहरण करने वाले से ही निकाह भी करवा दिया गया। अब उसका नया नाम उम्हीना है।

इस अकाउंट से लड़की के धर्मांतरण के समय की कुछ तस्वीरें, वीडियो आदि शेयर किए गए हैं। वीडियो में हम देख सकते हैं कि हिंदू लड़कियों के धर्म परिवर्तन करवाने के लिए कुख्यात मियाँ मिट्ठू पीड़िता को इस्लाम कबूल करवा रहा है।

उसके ईर्द-गिर्द सैंकड़ों मुसलमान खड़े हैं। सब तेज आवाज में इस्लाम से जुड़ा कुछ पढ़ रहे हैं। वहीं बाकी लोगों में कोई वीडियो बना रहा है। कोई खड़ा है। कोई हँस रहा है और कई लोग पैसे उड़ा रहे हैं। हिंदू लड़की है इस माहौल के बीचोंबीच बिलकुल चुप बैठी है। 

वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के ट्विटर अकाउंट से कहा गया है कि इस माहौल में कोई कैसे कह सकता है उस पर दबाव बनाया गया। उसे जान जाने का डर होता है। 13 साल की लड़की हिंदू समुदाय से हैं। मियाँ मिट्ठू ने उससे इस्लाम कबूल करवाया। बाद में उसका निकाह करवा दिया गया।

गौरतलब है कि वीडियो में नजर आने वाला मियाँ मिट्ठू कोई नया चेहरा नहीं है। इसने सिंध क्षेत्र में तमाम हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन करवाए हैं। अभी हाल में उसने एक स्कूल टीचर एकता कुमारी का धर्म बदलवाया था। यह घटना 6 जनवरी 2021 को हुई थी। लड़की का नाम एकता से बदल कर आयशा कर दिया गया था। उससे पहले कविता, महक केसवानी जैसी हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण के पीछे भी इसी मियाँ मिट्ठू का हाथ था।

स्त्रोत : Opindia

Friday, 26 October 2018

मुंबई : इस्लाम धर्म स्वीकारने के लिए हिन्दू छात्र ने छोडा घर, पाकिस्तानी लडकी से करता था चैट !

हिन्दू युवतीयों जैसे अब हिन्दू युवकों को भी ‘लव्ह जिहाद’द्वारा फंसाने का आंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र ! यह रोकने हेतु बचपन से ही अपने बच्चों को धर्मशिक्षा देकर उनमें धर्माभिमान निर्माण करना आवश्यक है ! – vsk,odisha

जगदीश दालाराम परिहार
मुंबई : मुंबई में २३ साल के एक छात्र ने अपना घर छोड़ दिया है। छात्र के कट्टरपंथी होने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यह छात्र शायद खाड़ी देश चला गया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानेवाले परिवार ने पुलिस को बताया है कि छात्र जगदीश दालाराम परिहार ने अपने भाई को फोन पर बताया है कि वह इस्लाम स्वीकार करने जा रहा है। उसने कहा है कि वह हिन्दू धर्म को नापसंद करता है !
परिवार ने कहा कि परिहार मुंबई के मुलुंड का रहनेवाला है। वह सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी महिला के साथ चैट करता था। मंगलवार को घर छोडने से पहले अपने साथ वह पासपोर्ट सहित सभी दस्तावेज ले गया है। उसने बैंक खाते से पैसे भी निकाल लिए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिहार ने गुरुवार सुबह अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया और बताया कि वह सुरक्षित है और वह डेढ महीने बाद घर लौटेगा। पत्राचार से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा परिहार अपने माता-पिता और एक छोटे भाई के साथ रहता है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘मंगलवार को घर छोडने के बाद उसने अपने छोटे भाई भावेश को फोन किया और उससे कहा कि वह हिंदू धर्म को नापसंद करता है इसलिए इस्लाम धर्म स्वीकार करने जा रहा है। इसके बाद उसके परिवार ने मुलुंड थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई !’
पुलिस की जांच में आखिरी लोकेशन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बता रही थी। भाई ने बताया कि महिला से उसे चैट करने से रोका गया था, लेकिन उसने इसपर ध्यान नहीं दिया था।
स्त्रोत : जागरण

Tuesday, 2 October 2018

यूपीः मंत्रोच्चारण और हवन के बीच मुस्लिम परिवार ने विधि-विधान से अपनाया हिंदू धर्म



सोमवार को मुस्लिम परिवार ने एसडीएम बड़ौत में शपथ-पत्र देकर धर्म बदलने की घोषणा की थी, हिंदू संगठन ने मंगलवार को पूजा-पाठ के बाद हिंदू धर्म में शामिल करवाने का ऐलान किया था.
कुलदीप चौहान, बागपतः धर्म परिवर्तन का मामला यूपी में अक्सर सुर्खियों में रहता है और अक्सर हिन्दू धर्म के लोग या तो धर्म परिवर्तन करते हैं या चेतावनी देते हैं, लेकिन इस बार मुस्लिमों के धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. बागपत में एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने पुलिस उत्पीड़न और मुस्लिम समाज की अनदेखी के चलते धर्म परिवर्तन कर लिया. इस दौरान खूब जय श्री राम के नारे लगे, वंदे मातरम भी गाया गया और हर हर महादेव के भी जयकारें लगे. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर चल रहे माहौल के बीच 2019 लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में मुस्लिमों का धर्म परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. सबसे बड़ी बात ये रही कि इस कार्यक्रम से पुलिस और प्रशासन ने दूरी बनाए रखी.
बागपत जिले के बदरखा गांव में शिव मंदिर में मंगलवार को हुए हवन पूजन में जिन लोगों ने यज्ञ वेदी में आहूति दी वो आज से पहले मुस्लिम थे. बता दें कि सोमवार को इस मामले में सभी कागजी कारवाही पूरी कर भले ही इन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया, लेकिन रीति रिवाज और बिना हवन पूजन के ये धर्म परिवर्तन शायद अधूरा था, इसीलिए मंगल के दिन इस हवन पूजन का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के लिए पंडित ने हवन पूजन से पहले वेदी बनाई, नवग्रह की पूजा अर्चना कराई और फिर तिलक कर हवन शुरू कराया और कुछ देर बाद धर्म परिवर्तन का कार्यक्रम सम्पन्न हो गया. . 
अब आपको मुस्लिम परिवार के सदस्यों के हिन्दू बनने की वजह भी बताते हैं. दरअसल, बदरखा गांव के रहने वाले अख्तर अली कुछ महीने पहले निवाड़ा गांव जाकर रहने लगे. पहले अख्तर अली और अब धर्म सिंह के बेटे गुलहसन की 27 जुलाई को बागपत के निवाड़ा गांव में हत्या हो गई और शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. इस हत्या के खुलासे के लिए परिवार के लोग पुलिस से मिले लेकिन आरोप है कि पुलिस ने हत्या को आत्महत्या दर्शा दिया. खूब थाने के चक्कर काटे, लेकिन इंसाफ नही मिला, मुस्लिम समाज की भी पंचायत हुई, लेकिन वहां भी इन्हें धुत्कार दिया गया.
इसके बाद पुलिस की प्रताड़ना और मुस्लिम समाज के साथ ना देने से पूरे परिवार ने हिन्दू धर्म अपनाने का फैसला कर लिया और एसडीएम बड़ौत के यहां एफिडेविट दे दिया. इसके बाद वापिस अपने गांव में बदरखा में आकर धर्म परिवर्तन कर लिया.
अख्तर अली से धर्म सिंह बने और उनके बेटे दिशाद से दिलेर सिंह, नौशाद से नरेंद्र और इरशाद से कवि बन गए और तीनों की पत्नियों, दो पोते और चार पोतियां भी शामिल है. हालांकि महिलाओं को पोतियों को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया और परिवार के बच्चो सहित 7 लोग इसमें शामिल रहे. अब इन लोगों का कहना है योगी से उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा और जरूरत पड़े तो इसकी सीबीआई जांच भी होनी चाहिए.
धर्म परिवर्तन और नामकरण का विधि विधान से समापन होने के बाद आरती भी की गई....जयश्री राम के जयकारें लगे, वंदे मातरम भी गाया गया, और फिर हर हर महादेव के जयकारे भी लगे. ये पूरा कार्यक्रम युवा हिन्दू वाहिनी भारत के सहयोग से सम्पन्न हुआ और युवा हिन्दू वाहिनी के जिलाध्यक्ष योगेंद्र तोमर का कहना है कि इन लोगों ने घर वापसी की है.

विहिप ने मतांतरण के मुद्दे को विधानसभा में उठाने नेता प्रतिपक्ष से की मांग

‘ ଧର୍ମାନ୍ତରୀକରଣ विहिप ने मतांतरण के मुद्दे को विधानसभा में उठाने नेता प्रतिपक्ष से की मांग https://www.naidunia.com/ chhattisgarh/bilaspur-v...